भारतीय कप्तान विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच दिनी मैचों की सीरीज में क्रिकेट के इस प्रारूप में 10,000 रन पूरे करके दिग्गज सचिन तेंदुलकर के एक रिकार्ड को अपने नाम कर सकते हैं. कोहली ने अब वनडे में 9779 रन बनाए हैं और उन्हें 'दस हजारी क्लब' में शामिल होने के लिए केवल 221 रन की दरकार है. बेहतरीन फार्म में चल रहे कोहली अगर पांचों मैच में खेलते हैं तो आसानी से इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं. इतना तय है कि कोहली जब भी वनडे में 10,000 रन पूरे करेंगे तो सबसे कम पारियों में इस मुकाम पर पहुंचने का रिकार्ड उनके नाम पर होगा. अभी यह रिकार्ड तेंदुलकर के नाम पर है जिन्होंने 259 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी. कोहली ने 211 मैचों में 203 पारियां खेली हैं. कोहली से पहले विश्व के 12 बल्लेबाजों ने वनडे में 10,000 रन पूरे किए हैं. इनमें भारत के चार बल्लेबाज तेंदुलकर (18,426 रन), सौरव गांगुली (11,363), राहुल द्रविड़ (10,889) और महेंद्र सिंह धोनी (10,123) शामिल हैं.
मैच फिक्सिंग के मामले में बैन झेल सरे तेज गेंदबाज एस श्रीसंत की करियर का फैसला अब सुप्रीम कोर्ट करेगा। उच्चतम न्यायालय ने बीसीसीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में श्रीसंत द्वारा दायर की गयी याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है। यह सुनावाई आठ हफ्ते के बाद होगी। बीसीसीआई ने स्पॉट फिक्सिंग के मामले को लेकर 2013 में एस श्रीसंत के जीवन भर क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगाया था। 2015 में श्रीसंत को मामले में बरी कर दिया गया। इसके बाद 2017 में केरल उच्च न्यायालय ने श्रीसंत पर लगे प्रतिबंध को बहाल कर दिया। श्रीसंत ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर एवं डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, ''याचिका को आठ हफ्ते बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।" क्रिकेटर ने पूर्व में न्यायालय से कहा था कि जीवन भर क्रिकेट खेलने पर लगाया गया प्रतिबंध बेहद कड़ी सजा है और वह पिछले पांच साल से नहीं खेल रहे हैं जोकि पर्याप्त सजा है। गौरतलब है कि स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत, चव्हाण और चंदीला सहित...
युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत ने अपने पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया. ऋषभ को नॉटिंघम टेस्ट के लिए दिनेश कार्तिक के स्थान पर भारतीय टीम में स्थान दिया गया था. अपने पहले टेस्ट में वे हालांकि बल्ले से तो बहुत ज्यादा योगदान नहीं दे सके लेकिन विकेट के पीछे शानदार प्रदर्शन करते हुए सात कैच लपके. भारतीय टीम ने इस टेस्ट में इंग्लैंड को 203 रन के अंतर से पराजित किया. टीम इंडिया की इस जीत के बावजूद इंग्लैंड टीम पांच टेस्ट की सीरीज में 2-1 से आगे है, ऐसे में अगले दो टेस्ट बेहद रोमांचक होने की संभावना है. ऋषभ पंत का कहना है कि भारत ए टीम के साथ इंग्लैंड दौरे से उन्हें टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के साथ तेज और उछालभरी गेंदबाजी का सामना करके अच्छे प्रदर्शन में मदद मिली. पंत ने अपनी कामयाबी का श्रेय भारत ए के कोच राहुल द्रविड़ और अपने बचपन के कोच तारक सिन्हा को दिया. 20 वर्ष के पंत ने ट्रेंटब्रिज में अपने पहले टेस्ट में पहली पारी में 24 रन बनाये और फिर सात कैच भी लपके. उन्होंने कहा,‘इंग्लैंड में विकेटकीपिंग करना हमेशा कठिन होता है क्योंकि गेंद विकेट के पीछे स्विंग ...
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