जब जश्न मनाने के लिए जर्सी उतार रहा था तो लक्ष्मण ने रोकने की कोशिश की थी: गांगुली
ज्यादातर भारतीय क्रिकेटप्रेमियों को अभी भी वह दृश्य याद होगा जब टीम इंडिया के कप्तान (तत्कालीन) सौरव गांगुली ने इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में मिली जीत का जश्न अपनी जर्सी को जोरदार तरीके से लहराकर मनाया था. वर्ष 2002 में लॉर्ड्स मैदान की बालकनी से यह 'काम' करते हुए सौरव ने इंग्लैंड के हरफनमौला एंड्रयू फ्लिंटाफ को उन्हीं की शैली में जवाब दिया था. करीब 16 साल पहले की इस घटना के बारे में यादें ताजा करते हुए गांगुली ने बताया कि जब वे जश्न मनाने के लिए अपनी जर्सी उतार रहे थे तो टीम के सहयोगी वीवीएस लक्ष्मण ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी.
गौरव कपूर के शो 'ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस' में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान गांगुली ने बताया, 'मैं दायीं ओर खड़ा था और लक्ष्मण बायीं ओर थे. हरभजन सिंह मेरे पीछे खड़े थे. इस मैच में भारतीय टीम को मिली रोमांचक जीत के बाद जब मैं अपनी टी-शर्ट निकाल रहा था तो लक्ष्मण ने कहा, यह मत करो, यह मत करो.' सौरव के अनुसार, जब मैंने टी-शर्ट उतारा तो लक्ष्मण ने पूछा था, 'अब तुम क्या करोगे'. जवाब में सौरव ने लक्ष्मण से कहा था, 'तुम भी अपना टी-शर्ट निकालो.' वनडे क्रिकेट में 11 हजार से अधिक रन बना चुके गांगुली ने कहा कि उस समय की भारतीय टीम प्रैंकस्टार और ठंडे दिमाग से व्यवहार करने वाले खिलाड़ियों का मिश्रण थी. इसमें मेरे अलावा भज्जी, जहीर, वीरू और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ी थे तो राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी भी.
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